रायपुर। छत्तीसगढ़ में राजनीतिक बयानबाजी ने नया मोड़ ले लिया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज ने बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए विवादित बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि छत्तीसगढ़ की बीजेपी सरकार में 14 मंत्री 'मुसवा' (चूहे) हैं, जिन्होंने किसानों का धान खा लिया है। बैज ने आगे कहा कि 2028 के विधानसभा चुनाव में इन सभी को जनता के सामने बेनकाब किया जाएगा।
दीपक बैज का पूरा बयान क्या था?
रायपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान दीपक बैज ने छत्तीसगढ़ में चल रहे धान खरीदी विवाद और धान घोटाले के आरोपों पर बोलते हुए कहा,
"बीजेपी सरकार में 14 मंत्री मुसवा हैं। इन्हीं सब लोगों ने धान को खाया है। 2028 में इन सभी को बेनकाब करना है।"
यह बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस लगातार विजय शर्मा सरकार पर धान खरीदी में लापरवाही, चूहों द्वारा धान की बर्बादी और किसानों के साथ अन्याय के आरोप लगा रही है। कांग्रेस ने हाल ही में प्रदर्शन भी किए थे, जिसमें खाद्य मंत्री को चूहेदानी भेंट करने जैसे प्रतीकात्मक विरोध शामिल थे।
'मुसवा' शब्द से क्यों उठा विवाद?
छत्तीसगढ़ की स्थानीय भाषा/बोली में 'मुसवा' का मतलब चूहा होता है। दीपक बैज ने इस शब्द का इस्तेमाल बीजेपी के 14 मंत्रियों पर भ्रष्टाचार और धान की बर्बादी का आरोप लगाने के लिए किया। उनका इशारा सीधे उन रिपोर्ट्स की ओर था, जहां सरकारी गोदामों में रखे धान को चूहों ने खा लिया और लाखों-करोड़ों का नुकसान हुआ। कांग्रेस इसे 'धान घोटाला' करार दे रही है, जबकि सरकार इसे नकार रही है।
बीजेपी की प्रतिक्रिया
बीजेपी ने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी नेताओं ने इसे अशोभनीय, निम्न स्तर की राजनीति और मंत्रियों का अपमान बताया। छत्तीसगढ़ बीजेपी ने कहा कि कांग्रेस हार के बाद सिर्फ विवाद खड़ा करने में लगी है और जनता सब समझ रही है।
राजनीतिक संदर्भ: धान खरीदी विवाद क्यों गरमा रहा?
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी सीजन चल रहा है, लेकिन कई जिलों में किसानों को टोकन नहीं मिल रहे।
गोदामों में रखे धान की बर्बादी की खबरें आईं, जिसमें चूहों द्वारा खाए जाने के दावे हैं।
कांग्रेस इसे सरकार की नाकामी बता रही है, जबकि बीजेपी इसे पुरानी सरकार की गड़बड़ी या प्राकृतिक कारण बताती है।
2028 के चुनाव को देखते हुए दोनों पार्टियां पहले से ही आक्रामक रुख अपना रही हैं।
क्या कहते हैं राजनीतिक विश्लेषक?
यह बयान दीपक बैज की आक्रामक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, ताकि किसान वोट बैंक को मजबूत किया जा सके। लेकिन 'मुसवा' जैसे शब्दों का इस्तेमाल विपक्ष को भी जवाबी हमले का मौका दे सकता है। 2023 में कांग्रेस की हार के बाद PCC चीफ के तौर पर बैज लगातार सरकार पर हमलावर हैं, लेकिन ऐसे बयान पार्टी की छवि पर भी असर डाल सकते हैं।
यह विवाद आने वाले दिनों में और गरमाने की संभावना है। क्या 2028 में यह मुद्दा चुनावी बिसात पर बड़ा रोल अदा करेगा? समय बताएगा।
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