नई दिल्ली, 27 जनवरी 2026 – 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य परेड में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को तीसरी पंक्ति में बैठाए जाने को लेकर राजनीतिक तूफान मच गया है। कांग्रेस ने इसे प्रोटोकॉल का उल्लंघन और विपक्ष का अपमान करार दिया, जबकि BJP ने कांग्रेस पर एंटाइटलमेंट (हक़ की भावना) और अहंकार का आरोप लगाया।
विवाद की वजह: तीसरी पंक्ति में सीटिंग
गणतंत्र दिवस परेड के दौरान राहुल गांधी और खड़गे को तीसरी पंक्ति में बैठाया गया, जहां उनके सामने और आसपास कई केंद्रीय मंत्री जैसे शिवराज सिंह चौहान दिखे। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि नेता प्रतिपक्ष (LoP) का दर्जा कैबिनेट मंत्री के बराबर होता है, इसलिए उन्हें पहली या दूसरी पंक्ति में होना चाहिए था।
कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने X पर पोस्ट किया:
"प्रजातंत्र में मतभेद रहेंगे, मगर श्री @RahulGandhi के साथ किया जाने वाला ये व्यवहार अस्वीकार्य है। ये केवल हीन भावना से ग्रस्त सरकार की कुंठा दिखाता है।"
कांग्रेस सांसद माणिक्कम टैगोर ने 2014 की एक पुरानी तस्वीर शेयर कर सवाल उठाया, जिसमें लालकृष्ण आडवाणी को पहली पंक्ति में बैठाया गया था। उन्होंने लिखा: "क्या मोदी-शाह खरगे जी और राहुल जी का अपमान करना चाहते हैं?"
BJP का पलटवार: "सीटिंग प्रोटोकॉल के अनुसार"
BJP प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने जवाब देते हुए कहा कि सीटिंग Warrant of Precedence (पूर्वता सूची) के आधार पर तय होती है।
"कई सीनियर कैबिनेट मंत्री राहुल गांधी के आसपास या पीछे बैठे थे, लेकिन किसी ने मुद्दा नहीं बनाया। कांग्रेस entitlement और parivar को जनता से ऊपर रख रही है।"
BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी पर तंज कसा: "राहुल गांधी तीसरी पंक्ति से परेशान नहीं हैं; वे ब्रह्मोस मिसाइल के समय फोन पर पकड़े जाने से ध्यान हटाना चाहते हैं।"
ऐतिहासिक संदर्भ: पुराना विवाद नया रूप
यह विवाद पहली बार नहीं है।
- 2018 में राहुल गांधी (तब कांग्रेस अध्यक्ष) को चौथी-छठी पंक्ति में बैठाने पर कांग्रेस ने विरोध किया था।
- 2024 के स्वतंत्रता दिवस पर भी राहुल गांधी को पांचवीं पंक्ति में बैठाने पर "छोटी सोच" का आरोप लगा था।
- कांग्रेस का दावा है कि 2014 से पहले विपक्ष के बड़े नेताओं (आडवाणी, सुषमा स्वराज) को बेहतर स्थान मिलता था।
अतिरिक्त विवाद: पटका (गमछा) न पहनने का आरोप
राष्ट्रपति भवन के 'एट होम' रिसेप्शन में नॉर्थ-ईस्ट थीम के तहत दिए गए पारंपरिक पटका (गमछा) न पहनने पर भी BJP ने राहुल गांधी पर हमला बोला। असम CM हिमंता बिस्वा सरमा ने इसे "पूर्वोत्तर का अपमान" बताया और माफी की मांग की। कांग्रेस ने इसे खारिज करते हुए कहा कि राहुल गांधी पूर्वोत्तर से प्रेम करते हैं।
राहुल गांधी की मौजूदगी और संदेश
राहुल गांधी इस बार गणतंत्र दिवस परेड में शामिल हुए (पिछले साल 15 अगस्त को अनुपस्थित थे)। उन्होंने X पर लिखा कि संविधान हर भारतीय का सबसे बड़ा हथियार है। वे राष्ट्रपति के कार्यक्रम में पहुंचे, लेकिन कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार जल्दी निकल गए और PM मोदी से अभिवादन नहीं किया।
यह घटना सत्ता और विपक्ष के बीच प्रोटोकॉल, सम्मान और राजनीतिक संदेशों की जंग को फिर उजागर करती है। क्या यह महज सीटिंग का मुद्दा है या लोकतंत्र की गरिमा का? बहस जारी रहेगी।

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